• गंगा तट पर बसे गाँव शिवपुरी, जिला राय बरेली, उत्तर प्रदेश  में 4 अगस्त 1924 को जन्मे।
  • गाँधी जी के अनुयायी के रूप में भारत की आज़ादी की लडा़ई में भाग लिया और 1942 के “भारत छोडो़“ आन्दोलन में गिरफ्तार हुए और राय बरेली के सैन्ट्ल जेल में रहे।
  • हिन्दी भाषा और साहित्य में प्रयाग विश्वविद्यालय से 1949 में एम.ए. किया और यूटरैष्ट विश्व-विद्यालय, हौलैँड से “Regionalism in Hindi Novels” विषय पर D.Litt.  की उपाधि मिली।
  • 1949 जुलाई से बम्बई विश्वविद्यालय के एलफिऩ्स्टन कौलेज में हिन्दी भाषा एवं साहित्य का
  • 1963 तक अध्यापन किया तथा विभागाध्यक्ष रहे। इस के बाद दक्षिण एशिया संस्थान, हाइडेलबर्ग, जर्मनी (1963-64), कैलीफो़र्निया विश्वविद्यालय बर्कले में (1964-65), रोमानिया के बुखारेष्ट विश्वविद्यालय में (1965-67) और तदुपरान्त जर्मनी के गोएटे विश्वविद्यालय, फ्रांकफुर्ट में 1967 से 1989 तक हिन्दी भाषा और साहित्य एवं भारतीय संस्कृति का अध्यापन किया। 1987 में काशी विद्यापीठ में और 1991 में चीन के बेजिंग विश्वविद्यलय में अतिथि प्रौफ़ेसर के रूप में  धर्म, लोक-साहित्य एवं हिन्दी साहित्य पर व्याख्यान प्रस्तुत किये।
  • 1950 से 1961 तक के काल में सैंट्रल बोर्ड औफ़ फ़िल्म सैंसर के सदस्य और राष्ट्रपति के पुरष्कार के लिए चयन समिति तथा आकाशवाणी के फिल्मी गीतों की चयन समिति के सदस्य रहे।
  • 1967 से जर्मनी के श्वालबाख़ नगर में स्थायी आवास बना लिया है. 1993 से हरिद्वार में भी गंगा तट पर एक छोटा-सा घर बना लिया है, जहां हर साल तीन-चार महीने बिताते हैं।
  • 1985 में सपत्नीक भारतीय संस्कृति संस्थान (Indisches Kultur-Institut) की स्थापना की जो आज भी सक्रिय है। लगभग बीस सालों तक सक्रिय संचालन किया।