हम विभिन्न संस्कृतियों के मध्य सेतु बनाने का काम कर रहे हैं। ऐसे काम में हम अपने दो देशों पर ही ध्यान रखते हैं, जहाँ हम ने घर बना लिये हैं। अथार्त, जर्मनी और भारत के मध्य, सामान्यरूप से, सभी अन्तरसांस्कृतिक समबन्धों पर। हम विभिन्न प्रकार के साधनों का उपयोग करते हैं, ज़्यादातर रचनात्मक एवं कलात्मक प्रकार के। काफ़ी समय तक यह काम विशेषतः लेखन तथा अनुवाद के मध्यम से किया। यह वेबसाइट इस उद्देश्य से बनायी गयी है, जिस से हम अपनी गतिविधियों में आप को शामिल कर सकें। यहाँ पर आप को ऐसी सूचनाएँ मिलेंगी, जिन से आप को हमारी पुरानी और नई रचनाओं से सम्पर्क प्राप्त होगा और साथ ही भविष्य की नई योजनाओं का भी पता लगेगा। इस तरह हम जिज्ञासुओं तक अपनी पुस्तकों की जानकारी पहुँचा सकेंगे। साथ ही उपेक्षित विषयों की ओर भी आप का ध्यान आकृष्ट कर सकेंगे। जर्मनी में समसामयिक भारतीय भाषाओं के सहित्य का ज्ञान बहुत कम है, उदाहरण के लिए हिंदी, जिस की ओर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। और भारत में, अन्तरसांस्कृतिक अध्ययन उपेक्षित विषय बने हुए हैं, गो कि विविधता के कारण देश में सामान्य उत्सुकता होनी चाहिए थी। हमारी वेबसाइट का यही उद्देश्य है कि इस से नई दिशाओं एवं दृष्टियों की प्रेरणा प्राप्त हो और हम में भी परिवर्तन के लिए उत्साह बढ़े। नयी सम्भावनाओं तथा परिवर्तनों की ओर हमें भी ध्यान देना पड़े। इसलिए, हम उत्सुकता से उन सभी प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा करेंगे, जो हमें, आप जैसे, अपने दर्शकों से मिलती रहेंगी।